~ शरारतें…

कुछ शरारतें

~ शरारतें… 

शरारतें शरारतें…

शरारतें शरारतें… 

शरारतें शरारतें… 

वो दो चार पल की,

वो तेरे-मेरे कल की, 

हाँ वही, शरारतें…

कभी हसीं ख़ुशी की, 

कभी जो हमनें की थी, 

शरारतें शरारतें… 

वो तौलिया छुपाती, 

बुलाने पर ना आती, 

हाँ वही, शरारतें…

टेढ़े मेढ़े मुँह बनाती, 

बना बना चिढ़ाती, 

वोही, शरारतें…

दिन में गुम थी जाती, 

रात को थी सताती, 

शरारतें शरारतें… 

कभी हसीं ख़ुशी की, 

वोही जो हमने की थी, 

हाँ वही, शरारतें…

क्यूँ खो गये यूँ हम-तुम,  

खो गयी हमारी , 

शरारतें शरारतें…

जो थी हसीं ख़ुशी की, 

कभी जो हमने की थी, 

हाँ वही, शरारतें…

शरारतें शरारतें…

शरारतें शरारतें…

शरारतें शरारतें…

Advertisements

~ काना-फुसियाँ…

~ काना-फुसियाँ…

चल चलें कहीं, फिर करें वही,

काना-फूसियाँ…

मैं दूँ उधेड़ कुछ, देना उसे तू बुन,

हाँ वही, काना-फूसियाँ…

बंद किताब में, सूखे गुलाब सी,

काना-फूसियाँ…

मैं आऊँ देर से, तू लेना मेरा बहाना सुन,

फिर करें काना-फूसियाँ…

हाँ रूठ जाने की, फिर मनाने की,

काना-फूसियाँ…

घड़ी की सुई जैसे, बारह पे जाए अटक,

और करें वही, काना-फूसियाँ…

मौसमी बुखार सी, यूँ ही बेकार सी,

तेरी मेरी काना-फूसियाँ…

यादों को बनाए कड़ी, बातों की पकोड़ियां भरी,

हाँ वही, चटपटी, काना-फुसियाँ…

चल चलें वहीँ, और करें वही,

काना-फूसियाँ…